Ex :-4 लोकतंत्र की उपलब्धियाँ
⇒दुनिया दुनिया के लगभग 100 देशों में लोकतंत्र किसी न किसी रूप में विद्यमान है। लोकतंत्र का लगतार प्रसार एवं उसे मिलनेवाले जनसमर्थ यह साबित करता है कि लोकतंत्र अन्य सभी शासन व्यवस्थाओं से बेहतर है।
➤लोकतंत्र
व्यवस्था में सभी नागरिकों को मिलने वाला समान अवसर ,व्यक्ति की स्वतंत्रता एवं गरिमा
आकर्षण के बिंदु है।
➤लोकतंत्र
में फैसले किसी व्यक्ति-विशेष द्वारा नहीं बल्कि सामूहिक सहमति के आधार के लिए
जाते है। यह विशेषता लोकतंत्र का मूल उद्देश्य भी है।
➤गैरलोकतांत्रिक
व्यवस्था में फैसले किसी खास व्यक्ति द्वारा बैगर बहस-मुबाहिसों के लिए जाते है।
इन फैसलों को लंबी विधायी प्रक्रिया से भी गुजरना नहीं पड़ता है।
➤लोकतांत्रिक
व्यवस्था में चुनाव नियमित रूप से होते है।
➤लोकतांत्रिक
व्यवस्था थोड़ी बहुत कमियों के वावजूद एक सर्वोत्तम शासन व्यवस्था है।
➤समाज
में विभिन्न जातीय,भाषायी एवं सांप्रदायिक समूहों में
मतभेद एवं टकरावों को पूरी तरह से समाप्त कर देने का दावा कोई भी शासन व्यवस्था
नहीं कर सकती है। ऐसे मतभेदों के बने रहने के कई सामाजिक,आर्थिक एवं सांस्कृतिक कारण है।
➤लोकतंत्र
की सबसे बड़ी विशेषता यह है की यहाँ लोगों के बीच नियमित संवाद की गुंजाईश बनी रहती
है।
*संवाद का क्या अर्थ है ?
⇒संवाद का अर्थ है वाद-विवाद के पश्चात एक
सकारात्मक निष्कर्ष तक पहुंचने की कोशिश।
➤भारतीय
लोकतंत्र की साख पूरी दुनिया में बढ़ी है।
*एक लोकतांत्रिक सरकार की प्रमुख
विशेषताएँ :-
⇒लोकतांत्रिक सरकार की मुख्य विशेषताएँ
निम्नलिखित है :-
i. जनता द्वारा चुने हुए प्रतिनिधि ही
शासन चलाते है।
ii. चुनाव नियमित,निष्पक्ष और स्वतंत्र होते है।
iii. वयस्क मताधिकार नियमों के अनुसार सभी
लोग अपने मत का प्रयोग करते है।
iv. चुनी हुई सरकार संविधान द्वारा निर्मित
बुनियदी कानूनों और नागरिक अधिकारों की सीमा में रहते हुए काम करती है।
*लोकतंत्र सभी शासन व्यवस्थाओं से बेहतर
है ,कैसे ?
⇒लोकतंत्र सभी शासन व्यवस्थओं से इसलिए बेहतर है
क्योकि यह ऐसी व्यवस्था है ,जिसमें
सभी नागरिकों को समान अवसर प्राप्त होता है ,संविधान
के द्वारा व्यक्ति की स्वतंत्रता एवं गरिमा को सुनिश्चित किया जाता है। लोकतंत्र
में आपसी विभेद और टकराव एक तो कम हो जाता है और अगर कही होता है तो गुण-दोष के
आधार पर सुधार की निरंतर सम्भवनाएँ लोगों को एक दूसरे के करीब लती है। लोकतंत्र
में फैसले किसी एक व्यक्ति द्वारा नहीं,बल्कि
निर्वाचित व्यक्तियों के समूह द्वारा लिए जाते है। अतः यह स्पष्ट है की लोकतंत्र
सभी शासन व्यवस्थाओं से बेहतर है।
*गैर-लोकतांत्रिक सरकार :-जिस सरकार के
गठन में जनता की भागीदारी नहीं होता है,उसे
गैर-लोकतांत्रिक सरकार कहते है। ऐसी सरकार में जनता के सारे राजनितिक अधिकार
समाप्त हो जाते है।
*तानाशाही सरकार :-जब एक व्यक्ति अथवा
कुछ व्यक्तियों का शासन होता है,जिनके
पास देश की संपूर्ण सत्ता होती है और जनाकांक्षाओं का ध्यान न रखकर सत्ता अपने बल
से तथा क्रूरतापूर्वक हासिल किया गया हो एवं संचालित हो।