Ex :-5 लोकतंत्र की चुनौतियाँ



लोकतंत्र जनता का ,जनता द्वारा तथा जनता के लिए शासन है। भारतीय संविधान की प्रस्तावना में ही घोषणा कर दी गई की भारत एक लोकतांत्रिक राज्य है। यह विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है।

नये विश्व सर्वेक्षण के आधार पर भारत वर्ष में 71 करोड़ मतदाता है।

भारतीय लोकतंत्र प्रतिनिध्यात्मक लोकतंत्र है,इसमें शासन का संचालन जन प्रतिनिधियों द्वारा किया जाता है।

भारतीय लोकतंत्र के तीन अंग है -कार्यपालिका ,विधायिका तथा न्यायपालिका।

अमेरिकी संविधान के निर्माताओं में से एक अलेक्जेंडर हैमिलटन ने कहा था की "कार्यपालिका में ऊर्जा होनी चाहिए तो विधायिका में दूरदर्शिता जबकि न्यायपालिका में सत्य के प्रति निष्ठा और संयम होनी चाहिए।

पंद्रहवें लोकसभा चुनाव में सयुंक्त प्रगतिशील गठबंधन(UPA) द्वारा लोकसभा की 543 सीटों में से 265 सीटों पर विजय प्राप्त की गई।

ब्रिटेन की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी की संख्या 19. प्रतिशत ,अमेरिका में 16.3 प्रतिशत,इटली में 16.01 प्रतिशत तथा फ्रांस में 13.9 है।

15वीं लोकसभा चुनाव के बाद महिलाओं की भागीदारी 10 प्रतिशत से अधिक हो गई है।

*लोकतंत्र जनता का,जनता के द्वारा तथा जनता के लिए शासन है,कैसे ?

अमेरिका के भूत पूर्व राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने लोकतंत्र को प्रभावित करते हुए कहा की 'लोकतंत्र जनता का जनता के लिए जनता के द्व्रारा संचालित सरकार है।

*केंद्र और राज्य सरकारों के बीच आपसी टकराव से लोकतंत्र कैसे प्रभावित होता है ?

देश के विकाश के लिए केंद्र तथा राज्य सरकार के बिच आपसी भाईचारा होना बहुत जरुरी है। क्योकि केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच तालमेल नहीं होने के कारण देश की विकाश अवरुद्ध हो जाएगी। अतः हम कह सकते है केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार के बीच आपसी टकराव से लोकतंत्र प्रभावित हो जाता है।

*आर्थिक अपराध का अर्थ स्पष्ट करें :-

विदेशी मुद्रा का अवैध आगमन,भारतीयों के द्वारा विदेशों में जमा किये गये काला धन देश में व्यापत भ्रष्टाचार। ये सभी आर्थिक अपराध के अंतर्गत आते है।

*आतंकवाद लोकतंत्र की चुनौती है। कैसे ?

आतंकवाद निश्चय ही लोकतंत्र के लिए चुनौती है। किसी भी देश के लिए आतंकवाद एक बड़ा अभिशाप है। यह विकास कार्य में बहुत बड़ी बाधा है। लोकतंत्र और आतंकवाद दोनों ही एक साथ नहीं चल सकते। लोकतंत्र एक स्थिर शासन की पहचान है जबकि आतंकवाद अस्थिर शासन का। आतंकवाद कब,कहाँ,क्या कर दे,इसका कोई भरोसा नहीं। ऐसा नहीं है की भारत ही आतंकवाद से ग्रसित है,बड़े-बड़े देश इससे परेशान है। जैसे :-अमेरिका,दुनिया का शक्तिशाली देश होने के बाद भी इससे परेशान है। यह बात और है की आतंकवाद की शुरुआत इन्ही सब देशों के द्वारा हुई है। इस प्रकार,आतंकवाद की समस्या भी लोकतंत्र के लिए चुनौती है,क्योकि इससे देश की एकता और अखंडता खतरे में पड़ जाती है।